
नई दिल्ली। आज से 32 वर्ष पहले 06 दिसंबर 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में वह घटना हुई, जिसने स्वतंत्र भारत के सामाजिक एवं राजनीतिक इतिहास पर गहरी छाप छोड़ी। इसी दिन विवादित बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया था। इस घटना के बाद देशभर में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा फैल गई, जिसमें करीब 400 लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में संपत्ति का नुकसान हुआ।
अयोध्या में भगवान रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण का सपना उस समय भी लोगों में जोश भर रहा था। उसी के प्रतीकात्मक समर्थन में भारी संख्या में लोग 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में जुटे थे। दिन की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन दोपहर होते-होते भीड़ ने नियंत्रण से बाहर होकर विवादित ढांचे पर चढ़ाई कर दी और कुछ ही घंटों में बाबरी मस्जिद के तीनों गुंबदों को गिरा दिया।
इस घटना ने देश की राजनीति, समाज और सांप्रदायिक संबंधों को गहराई से प्रभावित किया। पहले से मौजूद तनाव का दायरा बढ़कर हिंसक टकरावों में बदल गया और कई शहरों में दंगे भड़क उठे। अयोध्या से शुरू हुई यह आग मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, कानपुर, भोपाल और कई अन्य स्थानों तक फैल गई।
आज, जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब यह तिथि एक बार फिर इतिहास के उस महत्वपूर्ण मोड़ की याद दिलाती है।

