
सहजनवा- पिपरौली बीआरसी में समावेशित शिक्षा के तहत गुरुवार से चल रहे तीन दिवसीय को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रशिक्षण शनिवार को किया गया। जिसमें मास्टर ट्रेनर द्वारा तमाम बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग, देखभाल, रखरखाव एवं उनके शिक्षण प्रशिक्षण हेतु दिव्यांग बच्चों के (माता-पिता अभिभावक) पेरेंट्स की काउंसलिंग कर दिव्यांग बच्चों की सहयोग के प्रति जागरूक करना, बच्चों के वृद्धि एवं विकास में दिव्यांगता कैसे बाधा उत्पन्न करती है व दिव्यांग बच्चों के लिए कैसे आंगनवाड़ी केंंद्रों में सुगम्य वातावरण स्थापित कर आंगनवाड़ी केंंद्रों में सामान्य बच्चों के साथ दिव्यांग बच्चों को समावेशित करते हुए शिक्षण प्रशिक्षण कार्य को कैसे आगे बढ़ाया जाए? इस पर विस्तार से चर्चा जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में दिव्यांगता के स्पेशल एजुकेटर सिद्धांती मिश्रा, भीमसागर बौद्ध द्वारा दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को अनेक प्रकार की दिव्यांगता के बारे में जागरुक करते हुए कैसे माता-पिता अपने संबंधित दिव्यांग बच्चों की देखभाल रखरखाव व उनकाे शैक्षणिक सपोर्ट की जानकारी दी। बच्चों की देखभाल, व बेसिक शिक्षा विभाग की एस्कॉर्ट स्टाइपेंड जैसी सुविधाओं योजनाओं के बारे में बताया।इस अवसर पर बीईओ देवी प्रसाद दूबे ने 03 से 06 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जुड़ते हुए समावेश के लिए तमाम बिंदुओं पर विस्तार रूप से चर्चा पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रमाण पत्र भी दिया गया। इस दौरान प्रभारी सीडीपीओ ऊषा रानी, पूनमबाला सिंह, संजू मौर्या, सीमा, मीना, मीरा, साधना सिंह, किरन देवी, सुमन उपाध्याय, हरिओम मिश्रा, सोनू आदि उपस्थित रहे।

