
जयपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायालय, क्रम 4 महानगर द्वितीय ने 25 हजार रुपये के लिए पडोसी किराएदार की हत्या करने वाले अभियुक्त विक्रांत कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पीठासीन अधिकारी नीलम करवा ने अभियुक्त पर साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मुकेश जोशी ने अदालत को बताया कि घटना को लेकर हरियाणा में गार्ड का काम करने वाले अमरजीत ने 22 जुलाई, 2022 को विश्वकर्मा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसके पिता सुभाष यादव एक फुटवियर फैक्ट्री से रिटायर होकर उसके साले के साथ किराए से रहते हैं। तीन दिन पहले उसके साले ने फोन पर जानकारी दी कि उसके पिता घर से बैंक जाने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं आए।
इस पर वह 20 जुलाई को आया और पिता की तलाश की। इस दौरान बैंक के सीसीटीवी फुटेज से जानकारी मिली की पिता के साथ पास के कमरे का किराएदार विक्रांत भी था। जब उसने विक्रांत से इस बारे में पूछा तो उसने बैंक जाने से मना कर दिया। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर शव को पास के जंगल स्थित नाले से बरामद किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त बैंक से सुभाष को नाले में ले गया था और मौका देखकर भारी पत्थर से सिर पर वारकर उसकी हत्या कर दी। वहीं मृतक की जेब में रखे 25 हजार रुपये लेकर चला गया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि प्रकरण का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है और बैंक से रुपये निकालने की जानकारी मृतक के रिश्तेदार को थी। ऐसे में उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को सजा और जुर्माने से दंडित किया है।

