बरेली :यूपी के बरेली के कस्बा मीरगंज इलाके में मुस्लिम लड़की ने अपने प्रेमी मोनू वर्मा से गांव के ही एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। दोनों की दोस्ती और जान पहचान नई नहीं थी, बल्कि पिछले करीब 5 साल से दोनों एक-दूसरे को चाहते थे। कपल ने शिव मंदिर में सात फेरे लिए, तो वहां मौजूद हर शख्स इस अनोखे विवाह का गवाह बना।
लंबे वक्त से रिलेशनशिप में थे अंजुम और मोनू
ग्राम सिंधौली की रहने वाली 22 साल की अंजुम बी और मोनू की मुलाकात लगभग पांच साल पहले एक दोस्त के जरिए हुई थी। पहले दोनों की बातचीत हुई, फिर दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई और दोस्ती प्यार में बदल गई। अंजुम का कहना है कि दोनों लंबे वक्त से रिलेशनशिप में थे और शादी करना चाहते थे।
‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच मांग में भरा सिंदूर
बताया जा रहा है अंजुम बी 25 जनवरी को घर छोड़कर मोनू वर्मा के पास पहुंच गईं। इसके बाद दोनों ने गांव के एक मंदिर में हिन्दू रिती रिवाज़ के अनुसार शादी कर ली। मंदिर में कुछ लोगों की मौजूदगी में यह शादी हुई। मंदिर परिसर में जैसे ही शादी की रस्में शुरू हुईं, पूरा माहौल ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। मोनू और अंजुम ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। इसके बाद मोनू ने अंजलि के गले में मंगलसूत्र पहनाया और मांग में सिंदूर भरा। दोनों ने अपनी मर्जी से एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना है।
लुधियाना में काम करता है मोनू
मोनू लुधियाना की एक फैक्ट्री में काम करता है। अंजुम और मोनू ने भी अपनों की नाराजगी के बावजूद एक-दूसरे का हाथ थामने और समाज से लड़ने का फैसला कर लिया था। शादी के बाद अब दोनों साथ रहने की तैयारी कर रहे हैं और दोनों अपने फैसले से खुश नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह कदम पूरी समझदारी और आपसी सहमति से उठाया है।


