मनेन्द्रगढ़ | CG News: गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। जंगल में महुआ बिनने गए दंपति का जंगली हाथी से सामना हो गया। महिला किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही, लेकिन हाथी के हमले में उसके पति प्रेमलाल की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार दोनों पति-पत्नी खोहरा बीट के जंगल में महुआ बिनने गए थे, तभी अचानक हाथी ने हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि सौंपी गई है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग न समय पर चेतावनी जारी करता है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले से सूचना दी जाती तो यह हादसा टल सकता था। पिछले छह महीनों में हाथी के हमले से मौत की यह दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। ग्रामीणों ने हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने, समय-समय पर अलर्ट जारी करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

