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रायपुर। वक्फ बोर्ड से जुड़े एक मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (High Court) ने वक्फ बोर्ड को झटका देते हुए मुतवल्ली चुनाव से संबंधित आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई 15 मई 2026 को हुई, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमृतो दास और अधिवक्ता श्रेयांश मेहता ने पक्ष रखा। वहीं राज्य शासन की ओर से डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट शोभित मिश्रा और प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता प्रतीक शर्मा उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि 4 मई, 5 मई और 7 मई 2026 को जारी आदेशों की वैधता और उचितता को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि वक्फ बोर्ड ने मनमाने और अवैध तरीके से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए प्रतिवादी क्रमांक-5 में मुतवल्ली पद के चुनाव के लिए आदेश और नोटिस जारी किए। इसलिए इन आदेशों के प्रभाव और क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की गई।
वहीं, राज्य शासन और प्रतिवादियों की ओर से दलील दी गई कि वक्फ बोर्ड को संबंधित आदेश जारी करने का अधिकार प्राप्त है और याचिका में चुनौती दिए गए आदेश विधिसम्मत हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने कहा कि मामला मुतवल्ली चुनाव से जुड़ा है, इसलिए विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। समयाभाव के चलते मामले को जून 2026 के चौथे सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए।
कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि 4 मई, 5 मई और 7 मई 2026 को जारी आदेशों का प्रभाव और संचालन अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगा। इससे फिलहाल मुतवल्ली चुनाव प्रक्रिया पर रोक लग गई है।
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