
राजिम CG NEWS: अगर हमारी इच्छा शक्ति कुछ कर गुजरने की होती है जिसमें हमको यह चाहत नहीं कि हमारा नाम हो हमको लोग जाने जो लोग खामोशी से अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए समाज के हित मे- पर्यावरण के हित में काम करते हैं, वे लोग हमारे बीच में से ही होते हैं अगर मैं कहूं कोई महिला पारिवारिक जिम्मेदारी सुंदर ढंग से निभाते हुए पर्यावरण की सुरक्षा और सामाजिक चेतना- दीन हीन की सेवा को अपना परम धर्म समझे तो यह भी एक बहुत सुंदर मिसाल बनती है मैं बात कर रहा हूं गरियाबंद जिले के सुदूर वन्य ग्राम धवलपुर में निवास करने वाली श्रीमती हेमा विनायक राव ढिगे जिनका जुनून प्रकृति की सेवा पर्यावरण की सुरक्षा और समाज सेवा है।
अभी तक अपने ग्रुप के साथ सैकड़ो फलदार- छायादार -छोटे -बड़े -प्रजाति के पेड़ लगा चुकी- हेमा राव के साथ इनके ग्रुप में वैदेही यादव , भुनेश्वरी देव, गरिमा राजपूत ,शांता पात्र, मंजू यादव इनकी सोच वाली महिलाएं सबने मिलकर आम, अमरूद, अनार ,जामुन, नीम ,बरगद पीपल, हर बहेड़ा साल, सागवान जैसे बड़ी मात्रा में वृक्षारोपण धवलपुर और आसपास कर चुके हैं साथ में इनका लगातार ध्यान भी रखते हैं कोई इन्हे नुकसान न पहुंचा सके इस बारे में जब विशेष संवाददाता ने श्रीमती राव से पूछा तो उन्होंने बहुत ही शानदार हार्ट टचिंग बात कही- थोड़ी देर ऑक्सीजन देने वाले डॉक्टर को हम हजारो रुपए देकर जिंदगी बचाने पर भगवान मान लेते हैं जबकि उदाहरण के लिए पीपल का पेड़ पूरी जिंदगी हमें हजारों टन ऑक्सीजन मुफ्त में प्रदान करते हैं और आम- अनार- अमरूद- जामुन जैसे पेड़ फल के साथ बहुत सुंदर छाया प्रदान करते हैं जो मानव जीवन को बचाने के साथ और पर्यावरण का शानदार बैलेंस बनाए रखते हैं लेकिन हम इनकी कोई कद्र नहीं करते मेरा तो रोम रोम कहता है पेड़ लगाओ -मानव जीवन बचाओ।

वही मैं पूरे देशवासियों को कहना चाहती हूं- पेड़ों और वनों की ऐसी कटाई दिखने लगी है—- जिसके परिणाम स्वरूप विकास की जगह विनाश को देखकर प्रकृति भी चीखने लगी है,अब तो पानी के बाद ऑक्सीजन भी बिकने लगी है– भीषण गर्मी और सूखा- भयंकर बारिश और बाढ़ के साथ प्रलयकारी तूफान——- धरती की कोख हो रही सूनी- पूरा विश्व बन जाएगा धीरे-धीरे श्मशान।
बिल्कुल सत्य है हमें अपना जीवन बचाना है तो प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा इसमें बहुत मेहनत नहीं है वर्षा जनित जल को संचित करने के उचित उपाय जल का सदुपयोग और पेड़ पौधे लगाना ही इसका सीधा सरल उपाय है
सामाजिक सेवा नारी जागरण और पीड़ित मानव सेवा से गहरा है नाता हेमा विनायक राव समाज सेवा दीन हीन की सेवा और नारी जागरण में विशेष रुचि रखती हैं अपने सामाजिक मंच में इन कार्य हेतु कई बार पुरस्कृत हो चुकी हैं नारी स्वावलंबन और शिक्षा पर विशेष जोर देती हैं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत करती हैं’!? ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में गुड़ाखू और गुटखा खाने की प्रति भी इन कुछ वर्षों में काफी ज्यादा प्रचलन में आया है, इस पर भी वह फोकस करती हैं कि इससे कौन-कौन सी भयंकर बीमारी होती हैं और इसकी वजह से पूरा परिवार बर्बाद होने के कगार पर आ जाता है! सामाजिक चेतना और मानव सेवा पर श्रीमती राव का कहना है अपने साथ औरों के लिए भी जीओ आपकी जिंदगी स्वर्ग बन जाएगी!
सामाजिक मंच पर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा पुष्कृत होते हुए श्रीमती हेमा राव



