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नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को हरिवंश लगातार तीसरी बार उपसभापति निर्वाचित हुए। विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ। इसके साथ ही वह इस पद पर लगातार तीसरी बार आसीन होने वाले सदस्य बन गए हैं।
सदन की कार्यवाही की शुरूआत में नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें आसन तक पहुंचाया और उपसभापति की कुर्सी पर बैठाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरिवंश को पुन: निर्वाचित होने पर बधाई देते हुए उच्च सदन के संचालन में उनके अनुभव और योगदान की सराहना की। वहीं, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे सदन में सभी पक्षों को समान अवसर देंगे।
खरगे ने इस अवसर पर लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद लंबे समय से रिक्त रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से यह संवैधानिक पद खाली है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उपसभापति के रूप में हरिवंश विपक्ष को पर्याप्त समय और सम्मान देंगे। विपक्ष की ओर से उन्हें सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए यह भी कहा गया कि सदन की गरिमा बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश के लगातार तीसरी बार निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी और इसे सदन के गहरे विश्वास का प्रतीक बताया। राज्यसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश का पुनर्निर्वाचन उनके अनुभव, संतुलित कार्यशैली और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता की स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि उपसभापति के रूप में हरिवंश ने न केवल सदन की कार्यवाही का कुशल संचालन किया है, बल्कि अपने पूर्व अनुभवों से सदन को समृद्ध भी किया है, जिससे सदन का माहौल और अधिक परिपक्व हुआ है।
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