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कोलकाता, 2 मई। पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में मतगणना के बाद सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं की ओर से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
हाशिमनगर गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडे लेकर सड़क पर उतर आईं और आरोप लगाया कि स्थानीय पंचायत प्रधान तथा तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी इसराफील ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हमले की धमकी दी है।
स्थिति को देखते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के उप-कमांडेंट बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे और सुरक्षा का भरोसा दिया।
वहीं, खान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन भाजपा द्वारा “प्रायोजित” है, ताकि मतगणना से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करवाई जा सके और समर्थकों का मनोबल गिराया जा सके।
उन्होंने कहा, “अगर आरोप सही साबित हुए तो मैं कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ीं प्रदर्शनकारी फातिमा बीबी ने कहा, “30 अप्रैल से इसराफील और उसके लोग इलाके में आकर धमकी दे रहे हैं कि पांच मई के बाद खून-खराबा होगा। हम सीआरपीएफ कर्मियों को यहां तैनात रखने की मांग करते हैं।”
सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने कहा, “हम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर लोगों में भरोसा पैदा करने आए हैं और उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।”
शाम सात बजे, प्रदर्शनकारी निर्वाचन आयोग के इस आश्वासन के बाद सड़क से हट गए कि उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शनकारी बिपुल नस्कर ने कहा, “हमने अपने बूथ पर पुनर्मतदान की भी मांग की है, क्योंकि 29 अप्रैल को अपराह्न एक बजे तक मतदान एक ही पार्टी के पक्ष में रहा था। निर्वाचन आयोग ने हमारी मांगों पर विचार करने का वादा किया है।”
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने इस मामले में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। (भाषा)
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