खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,,,
छुरा/(पांडुका)कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गरियाबंद द्वारा दिनांक 26 दिसंबर को पंजीकृत निजी चिकित्सालय श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल हरदी रोड छुरा के संबंध में एक प्रतिष्ठित अखबार में दिनांक 24 दिसंबर को खबर प्रकाशित हुई थी जिसमें इस हॉस्पिटल के कार्य प्रणाली पर खबर प्रकाशन हुआ था इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य उपचारग्रह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाए अनुज्ञापन नियम 2013 के नियम 18 (6 )जांच समिति का गठन किया गया ।जिसमें डॉक्टर वाय के ध्रुव सिविल सर्जन सहा अस्पताल अधीक्षक गरियाबंद, डॉक्टर हरीश चौहान सर्जरी विशेषज्ञ नोडल नर्सिंग होम एक्ट गरियाबंद, डॉक्टर गजेंद्र सिंह ध्रुव अस्थि रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय गरियाबंद, डॉक्टर ए के हुमने ईएनटी विशेषज्ञ जिला अस्पताल गरियाबंद ,डॉ राजेंद्र चौधरी निश्चेतना विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय गरियाबंद ,डॉक्टर लक्ष्मीकांत जांगड़े जिला परिवार कल्याण अधिकारी गरियाबंद, सोमेश्वर सिंह ठाकुर नोडल सहायक नर्सिंग होम एक्ट गरियाबंद को टीम शामिल किया गया है और आदेश होने के 7 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का जिक्र किया गया है

पर 26 तारीख को आदेश निकलने के बाद के बाद आज 9 दिन हो गए ,पर आज तक जांच नहीं की गई है और जांच में लेट लतीफी होने के कारण भिन्न भिन्न प्रकार के शंका और कयास लगाय जा रहे है। मामला कुछ इस प्रकार है कि बीते माह 10 दिसंबर को तुमगांव छुरा के पास एक स्कूटी सवार शिक्षक हरिराम साहू तुमगांव निवासी एवं एचएफ डीलक्स चालक होमेश सिन्हा निवासी टैंगनाबासा आपस में टकरा गए थे। होमेश सिन्हा को सर ,कंधे और चेहरे में गंभीर चोट लगी थी और हरदी के पास स्थित अस्पताल श्री संकल्प छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।और लगभग 19 तारीख तक इस अस्पताल में मृतक होमेश का इलाज चलता रहा।और घायल होमेश की तबियत को बिगड़ते देख रायपुर रेफर किया गया था। फिर रायपुर के अस्पताल द्वारा मौत की पुष्टि होने के बाद वापस छुरा सरकारी अस्पताल लाया गया था और रिपोर्ट दर्ज कर पोस्ट मार्टम भी किया गया। मृतक के पिता दिलीप सिन्हा ने मीडिया को बताया था कि निजी अस्पताल प्रबन्धन की लापरवाही से और सही इलाज नहीं होने से,और समय पर कहीं रेफर नहीं करना,, नहीं कोई दूसरा अस्पताल ले जाने के लिए सुझाव देना और टालमटोल कर लापरवाही पूर्ण इलाज के कारण उसके पुत्र होने की मृत्यु हो गई थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि मृतक होमेश की मौत छुरा में हो गया था।जिसके बाद डेड बॉडी को रायपुर रेफर किया गया था।

,,साथ ही इस सड़क दुर्घटना की जानकारी संबंधित थाना में भी समय पर हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा थाने में जानकारी नहीं दी गई थी ।और बिना थाने की जानकारी के इलाज चलता रहा एवं घायल होमेश की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज किया गया है इस प्रकार इनही लापरवाही की जांच के संबंध में अब जिला की यह 7 सदस्य टीम जांच करेगी और रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपेंगे ,,और बड़ा सवाल देखना होगा कि क्या जांच टीम द्वारा जांच आने के बाद इस बार क्या कार्रवाई की जाती है क्योंकि पूर्व में भी इस अस्पताल के ऊपर के गंभीर आरोप लगे थे। और एक आदिवासी दंपत्ति के भ्रूण हत्या के मामले में भी इस पर कुछ कार्रवाई हुई थी ।अब देखना होगा कि क्या नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई होगी या फिर खाना पूर्ति करने के लिए जांच वाली करवाई को अंजाम दिया जाएगा।वही इस बारे में जांच टीम के सदस्य डॉक्टरों से बात की गई तो दो चार दिन में जांच करने की बात कही,

