पाटन। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर एवं तालुका विधिक सेवा समिति पाटन के अध्यक्ष श्री दुलार सिंह निर्मलकर तथा सचिव श्रीमती शीतल निकुंज व श्री उमेश कुमार भागवतकर के मार्गदर्शन में शासकीय माध्यमिक शाला भनसुली में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का संचालन अधिकार मित्र यशवंत साहू (पाटन) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में पम्पलेट वितरण कर जन-जागरूकता बढ़ाई गई तथा उपस्थित नागरिकों को राजीनामा योग्य प्रकरणों के आपसी समझौते से निराकरण और नेशनल लोक अदालत की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
नेशनल लोक अदालत में लिए जाने वाले प्रकरणों की जानकारी
न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण
मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले
वैवाहिक/परिवारिक विवाद
श्रम विवाद — मजदूरी, मनरेगा, कार्य स्थल पर दुर्घटना दावा
भूमि अधिग्रहण विवाद
सुखाधिकार संबंधी मामले
आपदा प्रबंधन क्षतिपूर्ति विवाद
ऐसे विवाद जो अभी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हुए हैं—पक्षकारों की सहमति से बिना मुकदमा दायर किए लोक अदालत में राजीनामा संभव
नेशनल लोक अदालत के प्रमुख लाभ
अधिवक्ता फीस देनी नहीं होती
कोर्ट फीस नहीं लगती
सिविल मामलों में जमा कोर्ट फीस वापस
किसी पक्ष को दंड नहीं, समझौता बातचीत से
मुआवजा व हर्जाना तत्काल
प्रकरण का त्वरित समाधान
सभी पक्षों को सुलभ न्याय
नालसा की महत्वपूर्ण योजनाओं पर जानकारी
नालसा टोल फ्री नंबर 15100 का व्यापक प्रचार
पेंशन व जनोपयोगी सेवाओं से वंचित पीड़ित पक्षकारों हेतु त्वरित विधिक सहायता
नालसा (गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन) योजना, 2015
“हमर अंगना” स्कीम — घरेलू हिंसा अधिनियम 2005
बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986
नालसा (नशा पीड़ितों हेतु विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन) योजना
महिलाओं के अधिकारों से संबंधित विस्तृत जानकारी
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे और कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं विधिक जानकारी पहुँचाने का लक्ष्य है।

