रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को बिलासपुर उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया है। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इसकी पुष्टि की।
ED और EOW से संबंधित दोनों केसों में सुनवाई पूरी होने के बाद चैतन्य को जमानत दी गई। अब करीब 168 दिन जेल में गुजारने के बाद वे रिहा होंगे।
ईडी का दावा है कि चैतन्य ने इस घोटाले से हुई करोड़ों रुपये की गैरकानूनी कमाई को संभाला और उसे रियल एस्टेट कारोबार में लगाया।
बता दें कि 18 जुलाई 2025 को अपने जन्मदिन के दिन ईडी ने भिलाई स्थित उनके घर से चैतन्य को गिरफ्तार किया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला था कि इस घोटाले की वजह से राज्य के राजस्व को भारी क्षति हुई और लाभार्थियों के पास लगभग 2500 करोड़ रुपये की अवैध राशि पहुंची।
आरोप है कि शराब नीति में बदलाव कर सरकारी कोष को नुकसान पहुंचाया गया। जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर पर आधारित है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की।

