विदाई समारोह का उद्देश्य सेवा-निवृत्त कर्मचारी के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करना होता है,,, सुनीता सिन्हा प्राचार्य

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पाटन – सक्रिय लिपिक संगठन पाटन के तत्वावधान में आज बी. आर. सी. भवन पाटन में  कुंज बिहारी साहू को  सम्मान करते हुए शासकीय सेवा से सेवानिवृत होने पर विदाई दी गई    

छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत के साथ समारोह  शुरुवात हुआ  34 वर्ष के शासकीय सेवा रहते हुए हाईस्कूल भिलाई तीन से  सेवानिवृत्त  होने पर लिपिक   कुंज बिहारी साहू  को  श्री फल एवं सम्मान स्मृति चिन्ह देकर  सम्मान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर  कुंज बिहारी साहू ने अपने  शासकीय सेवा के दौरान अपने अनुभव अपने  साथियों को साझा किया श्री साहू ने कहा कि लिपिक को अपना कार्य धैर्य  एवं सोच समझ करना चाहिए जहां समझ में नहीं आए किसी से पूछकर कार्य कर लेना चाहिए़ कार्यक्रम के  मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सुनीता सिन्हा  प्राचार्य शास. उ. माध्य. विद्यालय देवादा ने कहा कि विदाई समारोह का उद्देश्य सेवा-निवृत्त कर्मचारी के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करना होता है। अध्यक्षता पाटन विधानसभा के वरिष्ठ पत्रकार   संदीप मिश्रा  ने किया  

कार्यक्रम का संचालन कर रहे वरिष्ठ लिपिक ने  टिकेंद्र वर्मा ने कहा लिपिक साथियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का परिचय देते हुए- कार्यालय किसी भी संस्था की रीढ़ होता है और उस रीढ़ को मजबूती प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण स्तंभ होता है लिपिक, यह वह व्यक्ति जो फाइलों की व्यवस्था, पत्राचार, अभिलेख संधारण, समयबद्ध कार्य निष्पादन तथा प्रशासनिक सुचारुता को निरंतर बनाए रखता है। वर्षों की निष्ठा, परिश्रम और ईमानदारी से सेवा देने वाले लिपिक का विदाई समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सम्मान और भावनात्मक स्मृतियों का उत्सव होता है।

सक्रिय लिपिक संघ के अध्यक्ष  गोपेंद्र चंद्राकर  ने कहा कि 15 से यह विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है, साथियों क्योंकि लिपिक किसी भी कार्यालय व्यवस्था की आधारशिला होता है। वह अपने अनुशासन, परिश्रम और जिम्मेदारी से कार्यालय के कार्यों को सुव्यवस्थित बनाए रखता है। वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले लिपिक का विदाई समारोह सम्मान, कृतज्ञता और भावनाओं से भरा होता है। विदाई समारोह के इस अवसर पर सहकर्मी उनके कार्यों, व्यवहार और सहयोग भावना की सराहना व उनके साथ बिताए गए पलों को याद किया जाता हैं। उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी जाती हैं। विदाई समारोह हमें कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव का संदेश देता है तथा समर्पित कर्मचारी के योगदान को सदा ही आने वाले पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बनाता है।

मुख्य अतिथि प्राचार्य श्रीमती सुनीता सिन्हा  ने कहा कि – विदाई समारोह का उद्देश्य सेवा-निवृत्त कर्मचारी के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करना होता है। इस अवसर पर अधिकारीगण, सहकर्मी एवं कर्मचारी अपने अनुभव साझा करते हैं। उनके कार्यशैली, अनुशासन, समयपालन और व्यवहार-कुशलता की सराहना की जाती है, आप सब ने यह विदाई समारोह आयोजन किए है इसके लिए आप सभी लिपिक साथी बधाई के पात्र हैं।*

वरिष्ठ पत्रकार संदीप मिश्रा ने कहा कि – आज विदाई समारोह में सभी वक्ताओं के प्रेरक उद्बोधन वातावरण को भावुक बना दिया हैं। सेवा-निवृत्त लिपिक अपने अनुभवों को साझा करते हुए नव-पीढ़ी को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और धैर्य का संदेश देते हैं। उनके शब्द जीवन-पथ का मार्गदर्शन बन जाते हैं। अनेक बार ऐसे कर्मचारी अपने शांत स्वभाव और समर्पण से पूरे कार्यालय को परिवार जैसा वातावरण प्रदान करते है, श्री साहू का व्यक्तित्व वास्तव में आप सभी लिपिक साथियों के लिए सच्ची प्रेरणा है, मै उनके स्वस्थ्य दीर्घायु मंगलमयी आरोग्यमयी जीवन की कामना करता हूं,*वरिष्ठ लिपिक सुरेंद्र साहू ने कहा कि यह समारोह केवल विदाई नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक विरासत का हस्तांतरण होता है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची सेवा पद से नहीं, कर्म से पहचानी जाती है। ऐसे समर्पित कर्मचारियों का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श बनता है। अंततः हम कामना करते हैं कि सेवा-निवृत्त लिपिक का जीवन स्वस्थ, सुखमय, सक्रिय और सम्मानपूर्ण रहे तथा उनके अनुभव समाज और परिवार के लिए हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बने रहें।

आभार प्रदर्शन संतोष वर्मा ने किया

विदाई समारोह के इस अवसर पर मुख्य रूप से गोपेंद्र चंद्राकर अध्यक्ष सक्रिय लिपिक संघ पाटन, वरिष्ठ लिपिक सुरेंद्र कुमार साहू, टिकेंद्र वर्मा, वरिष्ठ लिपिक मणिराम देवांगन,  सतीश झारिया, दुष्यंत सिन्हा, बी. के. परगनिहा, संतोष कुमार वर्मा, लोमश ऋषि साहू, शशांक सार्वा, खगेश कामडे,  वेणु शिवारे, दुष्यंत सिन्हा, वरुण साहू , तुषार कामरे, कुलदीप , पी निर्मल, आर के गिलहरे, गायत्री भारती, आरती यादव, मंजू ठाकुर,  दिनेश कुमार वर्मा, पूर्णेन्द्र कुमार बंछोर, तोमन लाल साहू, ओमप्रकाश यादव, आई. के कुर्रे, पेखन लाल साहू, रमेश यादव,  सहित पाटन के अन्य लिपिक साथी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



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