विकास और रोजगार की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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कौशाम्बी। जिले में युवाओं को स्वावलंबी बनाने और रोजगार के अवसरों को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने कलेक्ट्रेट स्थित उदयन सभागार में ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ की जिला कार्यकारी समिति एवं रोजगार सृजन कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान विकास कार्यों और रोजगार मेलों की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय में लक्ष्य पूरा करने की चेतावनी दी।समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जनपद में रोजगार मेलों का आयोजन लक्ष्य से काफी पीछे है। निर्धारित 29 मेलों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 14 मेलों का आयोजन हुआ है।कैरियर काउंसलिंग 48 के लक्ष्य के विरुद्ध केवल 16 सत्र ही आयोजित किए गए हैं।इस पर जिलाधिकारी ने जिला सेवायोजन अधिकारी को निर्देशित किया कि वे तत्काल कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य को भी 700 के लक्ष्य के विरुद्ध पूर्ण रोजगार मेले आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों की समीक्षा करते हुए डॉ. पाल ने एन.आर.एल.एम. के तहत 4902 समूह गठन के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उपायुक्त मनरेगा को निर्देशित किया गया कि मानव दिवस सृजन में तेजी लाई जाए ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर अधिक काम मिल सके।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री माटीकला योजना की चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने पारदर्शिता पर विशेष बल दिया। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को आदेश दिया कि केवल कागजों पर इकाइयां न दिखें, बल्कि फील्ड में जाकर यह सत्यापित किया जाए कि लाभार्थी वास्तव में इकाइयों का संचालन कर रहे हैं या नहीं।इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, उपायुक्त स्वतः रोजगार, उपायुक्त मनरेगा सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और युवा कल्याण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 



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