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वर्मीबेड खरीदी में घोटाला?
24-Mar-2026 10:47 PM
कांग्रेस ने मांगी जांच
रायपुर, 24 मार्च। उद्यानिकी विभाग में एचडीपीई वर्मीबेड खरीदी को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। अमानक बीज आपूर्ति मामले की जांच अभी जारी ही है कि अब वर्मीबेड खरीदी में कथित अनियमितताओं ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने वर्मी बेड की खरीद की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
बताया गया कि जेम (GeM) पोर्टल पर मीपाटेक्स ब्रांड का एचडीपीई वर्मीबेड करीब 2000 रुपये प्रति नग की दर से उपलब्ध बताया जा रहा है, जबकि विभाग द्वारा इसे एआर इंटरप्राइजेस से लगभग 16,500 रुपये प्रति नग की दर पर खरीदे जाने का आरोप है। इस प्रकार बाजार दर से करीब 8 गुना अधिक कीमत पर खरीदी किए जाने से शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
मामले में यह भी आरोप है कि निविदा प्रक्रिया में शामिल फर्मों—एआर इंटरप्राइजेस, आर्मी इन्फोटेक और विश कम्प्यूटर्स—ने कथित तौर पर कार्टेल बनाकर दरें तय कीं। साथ ही विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और जेम पोर्टल “भ्रष्टाचार का माध्यम” बन गया है।
कांग्रेस का दावा है कि महासमुंद सहित राज्य के कई जिलों में इसी प्रकार की खरीदी हुई है और बड़ी मात्रा में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और संबंधित कंपनियों से राशि की वसूली की मांग की है। इस पूरे मामले में अब तक विभाग का पक्ष नहीं मिला है।
गौरतलब है कि यह खरीदी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार से प्राप्त फंड के तहत की जानी थी। लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्ति से ठीक पहले जल्दबाजी में की गई इस प्रक्रिया ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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