लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने “जी राम जी” विधेयक पर प्रथम वक्ता के रूप में चर्चा की शुरुआत करते कर इसे ग्रामीण भारत के नवयुग की नींव बताया। बृजमोहन अग्रवाल ने अपने ओजस्वी भाषण में स्पष्ट किया कि, इस देश के इतिहास में पहली बार। एक ऐसा बिल लाया गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत देगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा, भारत के गांवों को स्वावलंबी बनाएगा, भारत के गांवों को बेरोजगारी से मुक्त करेगा, भारत के गांवों को साधन युक्त, सिंचाई से युक्त, संसाधन युक्त करेगा। भारत के गांवों में सड़क, पानी, बिजली मिलेगी विकसित और सर्व सुविधा युक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि जहां मनरेगा ने 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी थी, वहीं नया विधेयक 125 दिनों के रोजगार, समयबद्ध कार्य-प्रदान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल मस्टर रोल और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण की गारंटी देता है—जो ग्रामीण भारत में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास का नया अध्याय लिखेगा। अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने गांधी जी भी राम का नाम लिया करते थे और हमारे गांव, गांव में लोग राम राज्य की कल्पना करते हैं। उसी राम राज्य को लाने के लिए।
यह विधेयक लाया गया है गांधी जी के सपनों को पूरा करने के लिए।



