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लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण क़ानून में संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया. एनडीए इस बिल के पक्ष में दो तिहाई वोट हासिल करने में नाकाम रहा.
इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने 'संविधान पर हुए हमले को हरा दिया' है.
उन्होंने संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा, "संविधान पर जो हमला था, हमने उसे हरा दिया है. हमने स्पष्ट तौर पर बोला है कि यह महिला (आरक्षण) बिल नहीं है. ये हिन्दुस्तान के चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश है. ये हमने रोक दिया है."
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि विपक्ष कब इस बिल का समर्थन करेगा.
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला बिल चाहते हैं तो 2023 का महिला बिल निकालिए, उसको आज से लागू करिए और पूरा का पूरा विपक्ष 100 प्रतिशत आपको समर्थन देगा."
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "यह देश के लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी. हम कभी इससे सहमत नहीं हो सकते कि आप महिला आरक्षण को इस तरह से परिसीमन से जोड़ें कि वह पुरानी जनगणना से चले, जिसमें ओबीसी शामिल ही नहीं है."
प्रियंका गांधी ने कहा, "यह मुमकिन ही नहीं था कि यह बिल पारित हो. हमारे देश के लोकतंत्र और अखंडता के लिए यह बहुत बड़ी जीत है."
प्रियंका गांधी ने सरकार के उन आरोपों का भी जवाब दिया जिसमें विपक्ष के इस बिल का विरोध करने पर उन्हें 'महिला विरोधी' कहा गया.
उन्होंने कहा, "महिला विरोधी सोच की बात वे कह रहे हैं, जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया, उन्नाव में कुछ नहीं किया, मणिपुर की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया, खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं कहा. ये कह रहे हैं कि हमारी महिला विरोधी सोच है?" (bbc.com/hindi)
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