रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक अत्याधुनिक स्पेस लैब बनाने को हरी झंडी दे दी है। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ‘स्पेस लैब विद सिम्युलेटर’ की मांग के लिए पहल की थी, जिसको लेकर उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। अब अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए बताया कि राज्य के रजत जयंती वर्ष में उन्होंने इसकी मांग उठाई थी, जिसे अब इसरो ने मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि यह लैब प्रदेश के लाखों बच्चों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान की प्रयोगशाला में हाथ आजमाने का मौका देगी और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम साबित होगी।

इसरो के चेयरमैन की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया कि इस लैब का शिलान्यास 25 दिसंबर (राष्ट्रीय शिक्षा दिवस और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती) को छत्तीसगढ़ के बच्चों और युवाओं की उपस्थिति में किया जाएगा।
पत्र में कहा गया है कि यह स्पेस लैब बच्चों में विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष के प्रति रुचि जगाने के साथ-साथ STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) शिक्षा को बढ़ावा देगा। यह लैब छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों के बच्चों के लिए प्रेरणा और सीख का बड़ा केंद्र बनेगा।
अंतरिक्ष विभाग ने इसरो के हरीशचंद्रा स्थित सेंटर फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग एंड पब्लिक आउटरीच (CBPO) को इस प्रोजेक्ट का नोडल सेंटर बनाया है और पूरा तकनीकी सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

