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नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। मोहम्मद सफा, जो लगभग बारह वर्षों से पैट्रियॉटिक विजन ऑर्गनाइजेशन (PVA) नाम के संगठन की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत थे, उन्होंने ईरान युद्ध में संभावित परमाणु हथियार इस्तेमाल की तैयारी के विरोध में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी संगठन की नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली लॉबी की सेवा कर रहे हैं।सफा ने यह भी कहा कि जब उन्हें मौत की धमकियाँ, आर्थिक दंड और सेंसरशिप मिल रही थी, तब संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें अकेला छोड़ दिया।
यूएन पर लगाया गंभीर आरोप
अपने इस्तीफा में पिछले सप्ताह सफा ने लिखा कि 2023 से ही वे इस्तीफा देना चाहते थे, जब यह स्पष्ट हो गया कि “कुछ संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी एक शक्तिशाली लॉबी की सेवा कर रहे हैं, न कि संयुक्त राष्ट्र की”।उन्होंने आरोप लगाया, “मैं अच्छे विवेक के साथ इसका हिस्सा नहीं बन सकता और न ही जो कुछ हो रहा है उसे देख सकता हूँ। जब शीर्ष संयुक्त राष्ट्र अधिकारी गाजा में हो रही घटनाओं को नरसंहार (genocide) कहने से इनकार कर रहे हैं, लेबनान में हो रही घटनाओं को युद्ध अपराध और जातीय सफाया (ethnic cleansing) नहीं बता रहे हैं, ईरान पर युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध नहीं मान रहे हैं, ईरान को विश्व शांति के लिए कोई तात्कालिक खतरा नहीं मान रहे हैं, और स्पष्ट रूप से इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन व युद्ध अपराधों का आरोप लगाने से बच रहे है। यह सब शक्तिशाली लॉबी के दबाव के कारण है।”
सफ़ा ने लगाए गंभीर आरोप
सफा ने कहा कि उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने वाले संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों का लंबे समय से समर्थन किया, लेकिन शक्तिशाली लॉबी ने 2023 के अंत तक नई विश्व व्यवस्था थोप दी, जिसकी शुरुआत गाजा से हुई।“मुझे और मेरे परिवार को मौत की धमकियाँ मिलीं, और संयुक्त राष्ट्र ने मुझे छोड़ दिया। मुझे आर्थिक दंड मिला, और संयुक्त राष्ट्र ने मुझे छोड़ दिया। अब मुझे संयुक्त राष्ट्र में सेंसर किया जा रहा है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मेरे अधिकार से वंचित किया जा रहा है”।
राजनयिकों पर लगाए गंभीर आरोप
सफा ने कहा कि इस साल की शुरुआत में, वरिष्ठ अधिकारी और प्रभावशाली राजनयिकों ने वैश्विक मीडिया और सोशल मीडिया एल्गोरिदम के समर्थन से एक गलत सूचना अभियान चलाया, जिसमें ईरान के परमाणु खतरे का दावा किया गया और ईरान के साथ युद्ध को बढ़ावा देने के लिए प्रो-वार भावनाएँ फैलाई गईं। इस लॉबी का इस्तेमाल आपको यह विश्वास दिलाने के लिए किया गया कि ईरान विश्व शांति के लिए तात्कालिक खतरा है। यह झूठ था और गाजा में नरसंहार करने के लिए इस्तेमाल की गई उसी रणनीति का हिस्सा है। वही रणनीति अब लेबनान में जातीय सफाया और कब्जे के लिए इस्तेमाल की जा रही है।”
अमेरिका पर परमाणु हथियार की तैयारी का आरोप
एक हालिया पोस्ट में सफा ने कहा:“मुझे नहीं लगता कि लोग स्थिति की गंभीरता को समझ रहे हैं, क्योंकि अमेरिका में संभावित परमाणु हथियार के इस्तेमाल की तैयारी हो रही है।”उन्होंने कहा कि तेहरान, जिसकी आबादी लगभग 1 करोड़ है, पर परमाणु हमला करना वाशिंगटन, बर्लिन, पेरिस या लंदन पर परमाणु हमला करने जैसा होगा।“मैंने अपनी राजनयिक करियर को इस जानकारी को लीक करने के लिए त्याग दिया। मैंने अपने कर्तव्यों को निलंबित कर दिया ताकि इस मानवता के खिलाफ अपराध का हिस्सा या गवाह न बनूँ, और परमाणु सर्दी (nuclear winter) आने से पहले इसे रोकने की कोशिश कर सकूँ।”सफा ने अमेरिका में चल रहे ‘No Kings’ विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लोगों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरें और मानवता तथा भविष्य के लिए विरोध करें।
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