[ad_1]
युवा प्रतिभाओं ने गहन चिंतन की प्रेरणा छोड़ी, आध्यात्मिक अनुभूति से हुए सराबोर-अभिषेक
02-May-2026 3:05 PM
आंजनेय यूनिवर्सिटी की सांस्कृतिक संध्या ने किया मंत्रमुग्ध
रायपुर, 2 मई। आंजनेय यूनिवर्सिटी के चांसलर अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक बैकुंठ द्वार से मोक्ष तक ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया। इस नाट्य प्रस्तुति में जीवन, मृत्यु और मोक्ष जैसे गूढ़ विषयों को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
श्री अग्रवाल ने बताया कि मंच पर प्रस्तुत प्रत्येक दृश्य ने जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हुए यह संदेश दिया कि सच्चे कर्म और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलकर ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है। समग्र रूप से यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि दर्शकों के मन में गहन आध्यात्मिक चिंतन की प्रेरणा भी छोड़ गया।
मुख्य अतिथि योगेश अग्रवाल ने बताया कि बैकुंठ द्वार से मोक्ष तक नाट्य प्रस्तुती समाज को सही दिशा दिखाने का सशक्त माध्यम हैं। इस नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने जीवन, कर्म और मोक्ष जैसे गहन विषयों को जिस संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ मंच पर प्रस्तुत किया, वह अत्यंत सराहनीय है। जब युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को इस प्रकार आत्मसात कर अभिव्यक्त करती है, तो यह हमारे समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
[ad_2]
Source link