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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मोथाबाड़ी न्यायाधीश उत्पीड़न मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तेजी ला दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार देररात मालदा जिले के कालियाचक और मोथाबाड़ी के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया।
इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 68 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एनआईए आज इन लोगों को अदालत में पेश कर हिरासत की मांग करेगी। जांच एजेंसी का मानना है कि इनसे पूछताछ में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सकेगी।
दरअसल, राज्य में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कालियाचक के मोथाबाड़ी क्षेत्र में स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई थी। आरोप था कि सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर बीडीओ कार्यालय में एसआईआर कार्य के लिए पहुंचे न्यायाधीशों को कई घंटों तक घेर कर रखा गया। भीड़ ने न्यायाधीशों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि देर रात केंद्रीय बलों की सुरक्षा में सात न्यायाधीशों को किसी तरह वहां से निकाला गया। इनमें एक महिला न्यायाधीश भी शामिल थीं।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई। एजेंसी इस मामले में दर्ज तीन प्राथमिकी के आधार पर जांच कर रही है।
इस घटना के बाद मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के आईएसएफ उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली कादरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया ।
इसके बाद मामले के कथित मुख्य साजिशकर्ता और एमआईएम नेता मोफाक्केरुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से सीआईडी ने पकड़ा। बाद में क्रमशः 49 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद जांच अपने हाथ में लेने वाली एनआईए ने मोथाबाड़ी के आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को भी गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए।
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