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नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण का मामला आज अरुण जेटली स्टेडियम में अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में दर्शकों ने उठा दिया। हुआ यह कि जैसे ही दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता स्टेडियम में आई, दीर्घा में बैठे दर्शक लगे AQI-AQI के नारे लगाने लगे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। जिसके बाद आप आदमी पार्टी ने दिल्ली बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला।
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आम आदमी पार्टी ने इस कार्यक्रम की आलोचना की और मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली और भारत की छवि खराब हुई। पार्टी का कहना था कि प्रदूषण से त्रस्त शहर में ऐसे आयोजन से गलत संदेश गया।
पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री के पहुंचते ही दुनिया के सामने दिल्ली की हवा की खराब गुणवत्ता उजागर हो गई और लोग प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने लगे। दिल्ली यूनिट के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी इसे ‘अंतरराष्ट्रीय शर्म’ बताते हुए इसी वीडियो को साझा किया।

लियोनेल मेसी अपने भारत दौरे के आखिरी चरण में सोमवार को दिल्ली पहुंचे।अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित एक विशेष आयोजन में उनके साथ उनके साथी खिलाड़ी रोड्रिगो डी पॉल और लुईस सुआरेज भी मौजूद रहे। इन सितारों को निहारने के लिए स्टेडियम में प्रशंसकों की भारी भीड़ जमा हो गई।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने स्टेज पर पहुंचकर इन खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे दिल्ली का ‘मेसी पल’ करार दिया।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। सुबह-सुबह घनी धुंध छा जाती है, जबकि रात में भी दृश्यता बेहद कम हो रही है। कई क्षेत्रों में लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
राजधानी में हवा की खराब गुणवत्ता के कारण शिक्षा विभाग ने नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्देश जारी किया है। सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पांचवीं तक की कक्षाएं फिलहाल बंद रहेंगी, लेकिन ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेंगी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सरकार की सबसे बड़ी चिंता है। छोटे बच्चों को प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से बचाना एक जरूरी और सतर्कता भरा कदम है। स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है और आगे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फैसले लिए जाएंगे।
सोमवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और घने कोहरे को लेकर लोगों ने शिकायतें कीं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह आठ बजे शहर का औसत एक्यूआई 452 रहा, जो गंभीर श्रेणी में आता है। आनंद विहार जैसे इलाकों में यह 493 तक पहुंच गया। कर्तव्य पथ, अक्षरधाम, एम्स और यशोभूमि सहित कई जगहों पर कोहरा छाया रहा।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर UK, कनाडा, इजरायल और सिंगापुर भी चिंचिंत हैं। उन्हों ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को लेकर अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
सिंगापुर उच्चायोग ने अपनी सलाह में अपने नागरिकों को बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर दिल्ली सरकार के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।”दिल्ली प्रशासन ने निवासियों, विशेषकर बच्चों और श्वसन या हृदय संबंधी बीमारियों से पीडित लोगों से घर के अंदर रहने और बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करने का आग्रह किया है।
इस संबंध में, उच्चायोग दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले सिंगापुर के नागरिकों से इस सलाह का पालन करने का आग्रह करता है,” परामर्श में कहा गया है। हम यह भी ध्यान में रखते हैं कि कम विजिबिलिटी को देखते हुए, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और कई एयरलाइनों ने सलाह जारी की है। यात्रियों को इसका ध्यान रखना चाहिए और अपडेट के लिए संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करना चाहिए।
दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले सिंगापुर के नागरिक जिन्हें कांसुलर सहायता की आवश्यकता है, वे उच्चायोग से संपर्क कर सकते हैं” इसमें आगे कहा गया है। यह सलाह वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा 13 दिसंबर को जीआरपी चरण 4 लागू करने के बाद जारी की गई, क्योंकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस पर चिंता व्यक्त की और प्रभावी दिशानिर्देश जारी करने पर बल दिया। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे व्यावहारिक आदेश पारित करेगा जिनका अमल संभव हो। साथ ही, 17 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण मामलों की सुनवाई तय की गई।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि समस्या से हम वाकिफ हैं और ऐसे निर्देश दिए जाएंगे जिनका पालन हो सके। कुछ उपाय जबरन लागू किए जा सकते हैं। बड़े शहरों में लोगों की जीवनशैली अपनी है, लेकिन गरीबों का क्या जो इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
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