नई दिल्ली। संसद में वंदे मातरम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की तकरार के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दुर्लभ ब्लैक एंड व्हाइट फोटो शेयर कर बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। तस्वीर में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मुहम्मद अली जिन्ना के बगल में खड़े नजर आ रहे हैं।

इस फोटो को सर्कल कर हाइलाइट करते हुए आजाद ने पोस्ट में लिखा, “नीचे दी गई तस्वीर देखिए, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और जिन्ना कितने करीब हैं। यह एक बहुत ही दुर्लभ तस्वीर है। यह @RSSorg और @BJP4India के दोहरे रवैये का सबूत है। भाजपा के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और उनकी हिंदू महासभा ने बंगाल, सिंध और उत्तर पश्चिमी फ्रांस में जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन सरकारें बनाईं। वे एके फजलुल हाग के नेतृत्व में बंगाल के वित्त मंत्री बने, उसके बाद जब हाग ने 1940 में पाकिस्तान की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया था।“
इस पोस्ट सियासी महत्व इसलिए है कि संसद में चल रही ‘वंदे मातरम’ बहस के बीच आई है, जहां विपक्ष ने भाजपा पर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। राज्यसभा में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधा था।
खड़गे ने कहा था कि भाजपा का आरोप है कि नेहरू ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान का दर्जा नहीं दिया, लेकिन वास्तविकता यह है कि भाजपा के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में गठबंधन सरकार बनाई थी न कि नेहरू ने। आजाद समर्थकों ने इसे ‘ऐतिहासिक सच्चाई का आईना’ बताया, जबकि आलोचकों ने ‘पुरानी फोटो से राजनीति’ का ताना कसा। एक यूजर ने लिखा, “गांधी-नेहरू के साथ भी जिन्ना की फोटो है, तो क्या वे भी पाकिस्तान के समर्थक?” वहीं, एक अन्य ने कहा, “ममता बनर्जी की मोदी के साथ फोटो है, तो क्या वे एक ही हैं?”

