[ad_1]

जयपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जबकि इसकी वास्तविक मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण की पक्षधर रही है। वर्ष 1996 में पहली बार यह विधेयक संसद में लाया गया और 2010 में यूपीए सरकार के दौरान राज्यसभा में पारित भी हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने उस समय इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि 2023 में बिल पारित होने के बाद भी केंद्र सरकार ने इसे लागू करने में देरी की और जनगणना व परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक शर्तें लगा दीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल पारित होने के बाद इसका श्रेय लिया, लेकिन तीन वर्षों तक इसका गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
डोटासरा के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 को देर रात नोटिफिकेशन जारी करना सरकार की मजबूरी को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है तो जनगणना समय पर क्यों नहीं करवाई गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने परिसीमन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है और ओबीसी वर्ग को आरक्षण से वंचित रखने की मंशा रखती है। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ तो इससे देश के संघीय ढांचे पर असर पड़ेगा।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने संसद में इन मुद्दों को उठाकर सरकार के प्रस्तावों का विरोध किया और कथित तौर पर “षड्यंत्र” को विफल किया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मातृशक्ति को उनका अधिकार दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह ने भी भाजपा पर महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। महिला कांग्रेस ने इस मांग को लेकर राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाने और रैली निकालने की भी घोषणा की।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आगामी समय में प्रदेश के सभी जिलों में महिला अधिकारों और आरक्षण को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा, ताकि आमजन को इस मुद्दे पर जागरूक किया जा सके।
[ad_2]
Source link