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रांची। इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, (आइसीएमएआइ) रांची चैप्टर के 50 वर्ष पर रविवार को गोल्डेन जुबली समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी किसी भी समाज और अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और उन्हें समान अवसर देना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वहीं रांची इकाई की अध्यक्ष मीरा गुप्ता ने कहा कि रांची चैप्टर के लिए यह गोल्डन जुबली वर्ष गर्व और उपलब्धियों का प्रतीक है। पिछले 50 वर्षों में संस्थान ने न सिर्फ उद्योगों के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि पारदर्शिता, लागत नियंत्रण और आर्थिक सुदृढ़ता को भी नई दिशा दी है। आज के बदलते आर्थिक परिवेश में लागत लेखाकारों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। हम सभी का प्रयास है कि आने वाले समय में संस्थान युवाओं को बेहतर अवसर दें और देश के औद्योगिक विकास में और अधिक योगदान दे। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करने में सक्षम हैं। हमें उन्हें आगे बढ़ाने और समान अवसर देने के लिए लगातार प्रयास करना होगा। समारोह के दौरान कॉस्ट अकाउंटेंट्स की भूमिका पर भी गंभीर चर्चा हुई, जिसमें बताया गया कि कैसे यह संस्थान उद्योगों के विकास, पारदर्शिता और आर्थिक प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस अवसर पर संस्थान का स्मारिका (सोवेनियर) भी लॉन्च किया गया।
मौके पर आरती गांगुली, नरेंद्र श्रीवास्तव, श्रीकांत, आनंद कुमार पांडेय, विद्याधर प्रसाद समेत संस्था से जुड़े कई लोग और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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