
फ़िरोज़ाबाद, स्वामी प्रणवपुरी महाराज उज्जैन के द्वारा भागवत कथा के छठवें दिन भरत द्वारा राम को लेने जाने का वर्णन किया गया
इस अवसर पर महाराज ने कहा कि भरत का प्रेम और त्याग संयुक्त परिवार सुखी परिवार का एक उदाहरण है।
पालीवाल हॉल में चलरही कथा में लगातार बढ़ रही श्रोताओं की संख्या को देख आयोजक प्रसन्न दिखे।
महाराज प्रणव पुरी ने प्रेम त्याग का उदाहरण देते हुऐ कहा कि भरत ने अपने भाई राम के लिए अपने राज्य, सुख और वैभव को छोड़ दिया, और उन्हें वन से वापस लाने के लिए चल पड़े। उन्होंने कहा कि भरत का प्रेम और त्याग हमें सिखाता है, कि परिवार के लिए हमें अपने स्वार्थ को छोड़ देना चाहिए और एक दूसरे के लिए जीना चाहिए।
महाराज ने कहा कि भरत का प्रेम और त्याग संयुक्त परिवार सुखी परिवार का एक उदाहरण है, जहां सभी सदस्य एक दूसरे के लिए जीते हैं।और एक दूसरे के सुख-दुख में साथ देते हैं। उन्होंने कहा कि हमें भी भरत की तरह अपने परिवार के लिए प्रेम और त्याग की भावना को अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर महाराज प्रणव पुरी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान राम की भक्ति और प्रेम की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम की भक्ति और प्रेम से ही हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं।
भागवत के दौरान भागवत संचालक पंडित देवेंद्र शास्त्री , हनुमान प्रसाद गर्ग, राजेश दुबे आदर्श,देवब्रत पांडे, धीरेन्द्र भारद्वाज,विकास गोयल, प्रवीन अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

