
पाटन। दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन सुबह एक चिंताजनक स्थिति देखने को मिल रही है, जहां बिना तिरपाल ढके और ओवरलोड रेत से भरे डंपर बेखौफ दौड़ते नजर आते हैं। इन वाहनों से उड़ती रेत राहगीरों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर परेशानी और हादसे का कारण बन रही है।
तेज रफ्तार में चल रहे इन डंपरों से उड़कर रेत सीधे पीछे आ रहे बाइक सवारों की आंखों में चली जाती है, जिससे उनका संतुलन बिगड़ने का खतरा लगातार बना रहता है। कई बार ऐसी स्थिति दुर्घटना को आमंत्रण देती नजर आती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या अब रोजमर्रा की बन चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कभी-कभार खानापूर्ति के तौर पर कुछ वाहनों पर कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन इसके बाद रेत परिवहन करने वाले फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं और लोगों की जान जोखिम में डालते रहते हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और रेत परिवहन के दौरान तिरपाल ढकना अनिवार्य किया जाए, ताकि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।


