रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के खंभों पर लगे वितरण बॉक्सों का खुले रहना खतरा बन चुका है। प्रदेशभर में सैकड़ों ऐसे बॉक्स खुले पड़े हैं, जिनसे आए दिन पशुओं की करंट लगने से मौत हो रही है। ये बॉक्स इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं, खासकर अगर कोई वाहन चालक नियंत्रण खोकर इनसे टकरा जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।

इस गंभीर मुद्दे पर रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की थी। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए 24 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक (संचालन एवं संधारण) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही, की गई कार्यवाही की रिपोर्ट आयोग को सौंपने को कहा गया था।
लेकिन आयोग के आदेश के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रदेश में अभी भी सैकड़ों वितरण बॉक्स खुले पड़े हैं और कंपनी ने आयोग को कोई रिपोर्ट भी नहीं सौंपी है। नितिन सिंघवी ने बताया कि कई बॉक्सों के दरवाजे तो चोरी हो चुके हैं, जबकि खुले तार झूलते रहते हैं। बिजली कंपनी के कर्मचारी रखरखाव या मरम्मत के लिए बॉक्स खोलते हैं, लेकिन काम खत्म होने के बाद इन्हें बंद करना भूल जाते हैं।
सिंघवी ने मांग की है कि पूरे प्रदेश में तत्काल एक स्तर पर अभियान चलाकर सभी खुले वितरण बॉक्सों को बंद किया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए कर्मचारियों में सतर्कता बरती जाए।
यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब बिजली दरें हर साल बढ़ रही हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा होने का इंतजार करना पड़ेगा।

