
लखनऊ। यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय की ओर से पिछले चार महीनों में 10,050 वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इन वाहनों के चालान छह महीने के भीतर जमा नहीं किए गए, तो पंजीकरण को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की मदद से ट्रैफिक पुलिस ने वर्ष 2025 के नवंबर तक पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की थी। इसके आधार पर आरटीओ प्रशासन को 52,187 वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की रिपोर्ट भेजी गई।
जांच के दौरान सामने आया कि इनमें से 5,012 वाहन डुप्लीकेट डेटा वाले थे, जबकि 5,298 वाहन अन्य जिलों और अन्य प्रांतों के पाए गए। ऐसे वाहनों के पंजीकरण निलंबन के लिए संबंधित जिलों को ई-मेल के माध्यम से संस्तुति भेजी गई है।
एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा नवंबर माह में सौंपी गई सूची के आधार पर अब तक 10,050 वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया जा चुका है, जबकि शेष वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही लगभग 500 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण और डीएल निलंबन की कार्रवाई के लिए ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग को पहली सूची में 13,919 वाहनों का विवरण उपलब्ध कराया था। विभाग का कहना है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

