बहराइच में खूनी तांडव : चार कत्ल और दो आरोप, बहन के बयान से बदलती तस्वीर

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बहराइच । रविवार की रात और सोमवार की सुबह के बीच का वह वक्त, जब पूरा गांव नींद में था… लेकिन रामनगर में एक घर के आंगन में खून बिखर चुका था। चार लाशें, दो घायल बेटे और संपत्ति को लेकर गहराया शक—इस हत्याकांड ने पूरे जिले को सन्न कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

रुपईडीहा क्षेत्र के रामनगर गांव में देर रात करीब 1:30 बजे एक ही परिवार के चार लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। मृतकों में 82 वर्षीय दादी शीतला देवी, 62 वर्षीय बदलूराम, 60 वर्षीय संजू देवी और 35 वर्षीय पार्वती देवी शामिल हैं। पार्वती अपनी ससुराल श्रावस्ती से मायके आई थी और अगले दिन एक धार्मिक कार्यक्रम में जाने की तैयारी में थी, लेकिन उससे पहले ही पूरा परिवार उजड़ गया।

बड़े बेटे का आरोप – छोटे भाई ने किया नरसंहार

घटना के बाद घायल बड़े बेटे गुरुदेव (33) ने अपने छोटे भाई निरंकार (27) पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। गुरुदेव के मुताबिक, जमीन बेचने से मिले पैसों और गहनों को लेकर घर में कहासुनी हुई। वह इसे रोज का झगड़ा समझकर कमरे में चला गया, लेकिन थोड़ी देर बाद चीखें सुनकर बाहर आया तो चारों परिजन लहूलुहान पड़े थे।

गुरुदेव का दावा है कि विरोध करने पर निरंकार ने उस पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया। छीना-झपटी में दोनों घायल हो गए। इसके बाद निरंकार ने खुद को भी ईंट से मारकर गंभीर रूप से घायल कर लिया।दोनों भाइयों को अस्पताल भेजा गया, जहां निरंकार की हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। वह अभी कोमा में है।

दोपहर में आया नया मोड

मामला तब पलट गया जब मृतक बदलूराम की बेटी लक्ष्मी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और उसने छोटे भाई निरंकार को निर्दोष बताया। लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि बड़ा भाई गुरुदेव अपने बेटे के नाम पूरी संपत्ति करवाना चाहता था और इसी को लेकर परिवार में तनाव था।उसके बयान ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को चुनौती दे दी है। अब जांच का फोकस सिर्फ एक आरोपी तक सीमित नहीं रह गया।

गांव में दहशत, पुलिस जांच में जुटी

पूर्व प्रधान फौजदार वर्मा के मुताबिक, बदलूराम ने अपनी जमीन पहले ही दोनों बेटों में बांट दी थी और उन्हें किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी।पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया पारिवारिक विवाद से जुड़ा है, लेकिन सभी पहलुओं—संपत्ति, आपसी रिश्तों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों—की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने कुल्हाड़ी बरामद कर ली है और साक्ष्य जुटाए हैं।

अनुत्तरित सवाल

क्या यह संपत्ति का विवाद था?

क्या परिवार के भीतर लंबे समय से सुलग रही रंजिश ने खौफनाक रूप लिया?

या फिर कहानी में अभी और मोड़ बाकी हैं?

फिलहाल रामनगर गांव में सन्नाटा है, लेकिन इस हत्याकांड ने पूरे बहराइच को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस को अब निरंकार के होश में आने का इंतजार है—शायद उसी के बयान से इस खौफनाक रात की असली कहानी सामने आए।



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