
तरुणमित्र संवाददाता मनीष कश्यप
जरवलरोड बहराइच। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को सीएचसी मुस्तफाबाद जरवल के प्रांगण में स्वास्थ्य विभाग, मोबियस फाउंडेशन और पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में सैकड़ो लोगों ने शामिल होकर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया है। महिला सशक्तिकरण को समर्पित इस मेले में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और ग्राम विकास जैसे विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 65 महिलाओं को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया है। जरवल ब्लॉक में इन महिला कर्मियों ने समाज में बदलाव लाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया है। मेले को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि महिला दिवस आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों का प्रतीक है। एक स्वस्थ महिला ही सशक्त समाज की नींव रखती है। वहीं उपायुक्त (स्वत: रोजगार) धनंजय सिंह, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और आजीविका एक-दूसरे के पूरक हैं और हमारा लक्ष्य महिलाओं को शारीरिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुंवर रितेश ने बताया कि इस तरह के स्वास्थ्य मेले ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र परिवारों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनें, ताकि कोई भी गरीब इलाज से वंचित न रहे। इस अवसर पर पीएफआई की राज्य प्रतिनिधि शिल्पा नायर, खंड विकास अधिकारी जरवल आलोक वर्मा, एडीओ पंचायत अरुण वर्मा डीएचईआईओ बृजेश सिंह, डीसीपीएम मो. राशिद, आरकेएसके से राकेश गुप्ता, मोबियस फाउंडेशन से प्रभात कुमार , आयुष्मान मित्र सफ़ील तथा पीएफआई के कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम न केवल इन महिलाओं के संघर्षों को पहचानने का मंच बना, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहा।
इन क्षेत्रों की महिला कर्मियों को मिला सम्मान
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं बैंकिंग: कंचन देवी को 300 प्लस समूह कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण और 100 स्वयं सहायता समूहों के गठन के लिए सम्मानित किया गया। बैंक सखी संगीता कुमारी ने 3 वर्षों में 60 समूह खाते और 350 बचत खाते खोलकर वित्तीय समावेशन में मिसाल पेश की। कंचन देवी, सरिता सिंह, शाहीन बेग और अंशिका कश्यप को समूह में उत्कृष कार्य करने पर पुरस्कृत किया गया।
उद्यमिता और नवाचार: विद्युत सखी सपना देवी को बहराइच में बिजली बिल वसूली में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर और बिट्टू देवी को 8 लाख गन्ने की नर्सरी तैयार कर ‘लखपति दीदी’ बनने के गौरव हेतु सम्मानित किया गया। सीमा कुमारी को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत मूर्ति निर्माण कार्य के लिए सराहा गया।
स्वास्थ्य सेवाएँ: स्वास्थ्य विभाग से एएनएम रुचि को 2000 आभा आईडी बनाकर और आशा संगिनी राखी को 600 प्लस आभा आईडी व परिवार नियोजन सेवाओं में सहयोग देकर उत्कृष्ट कार्य किया। सीएचओ रेखा राजपूत को सौ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सम्मानित किया। साथ ही सीएचओ आरती, और अर्चना चौधरी, आशा कल्याणी, मनोरमा, सुनीता, पूनम, व आशा संगिनी सपना, मंजू, शाहिला समेत कई अन्य महिलाओं कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने और आधुनिक साधनों को अपनाने के लिए भी पुरस्कार दिए गए।
शिक्षा और बाल विकास: शिक्षा क्षेत्र में सायमा बेबी, आकांक्षा नायक,राखी श्रीवास्तव, भावना देवी और नीतू मिश्रा जैसी शिक्षिकाओं को स्कूलों के कायाकल्प, छात्रों की 80% से अधिक उपस्थिति और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों जैसे निम्मी शरण रावत, अंजू मिश्रा और दीप माला राव को ‘पोषण ट्रैकर’ पर 100% कार्य पूर्ण करने व अन्य सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया गया है। साथ ही कविता वर्मा (सुपरवाइजर) और शीलू को पुरस्कृत किया गया।


