
बरेली । जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में साेमवार काे कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई घटना को देखते हुए जनपद में सतर्कता बरतने के विषय पर चर्चा हुई। बैठक में जल निगम, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी वार्डों में पानी की नियमित सैम्पलिंग कराई जाए और रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के माध्यम से पानी की जांच करवाई जाएगी और क्लोरीन का वितरण प्रत्येक स्थान पर कराया जाएगा।
उन्होंने लोगों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया कि उथले हैंडपम्प के पानी का प्रयोग पीने या खाना बनाने में न करें और पानी को उबालकर पिएं। बैठक में नगर आयुक्त संजय कुमार मौर्य ने निर्देश दिए कि सीवर और नालों की सफाई के बाद निकलने वाले सिल्ट को अगले दिन तक हटवाया जाए।
खुले में शौच से रोकने, व्यक्तिगत स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही टैंकों की सफाई साल में कम से कम एक बार कराना अनिवार्य किया गया। वाटर टैंकर को स्टेनलेस स्टील टैंक से बदलने और क्लोरीन के नियमित प्रयोग की भी हिदायत दी गई।
स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रहने और पानी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की जानकारी देने के लिए कहा गया। लोगों को टोल फ्री नंबर 1533 और 14420 या बरेली सिटी 311 एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी जाएगी। स्कूलों और कार्यालयों में वाटर कूलर के पानी की भी जांच कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निगम, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में यदि कहीं गंदा पानी सप्लाई हो रहा है तो तुरंत सूचना दी जाए। बैठक में रबड़ी टोला की पेयजल पाइपलाइन की स्थिति और शीघ्र मरम्मत का भी अपडेट दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, नगर आयुक्त, ई.ओ. नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग और जल निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

