देश की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह घटनाक्रम केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने ‘आप’ के संसदीय ढांचे को हिलाकर रख दिया है।
इन दिग्गजों ने बदला पाला
राघव चड्ढा के साथ ‘आप’ के कई अन्य प्रमुख राज्यसभा सांसदों ने भी भाजपा का हाथ थाम लिया है। इनमें शामिल हैं:
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संदीप पाठक (संगठन महासचिव)
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स्वाति मालीवाल
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हरभजन सिंह
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अशोक मित्तल
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विक्रमजीत सिंह साहनी
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संजीव अरोड़ा (राजिंदर गुप्ता)
विलय की रणनीति और औपचारिकताएं
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कदम संविधान के प्रावधानों के तहत उठाया गया है। चूंकि ‘आप’ के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है, इसलिए इसे तकनीकी रूप से ‘विलय’ के रूप में देखा जा रहा है। कुल सात सांसदों ने विलय के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और इन्हें राज्यसभा के माननीय सभापति को सौंप दिया गया है।




