फीफा वर्ल्ड कप : खेल जगत के सबसे बड़े इवेंट में से एक फुटबॉल वर्ल्ड कप की शुरुआत इस बार 11 जून जो भारतीय समयानुसार देर रात 12 जून से हो रही है, जिसमें 48 टीमों के बीच खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से मिलकर कर रहे हैं। फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 सभी 48 टीमों को चार-चार के कुल 12 ग्रुपों में बांटा गया है जिसमें 39 दिनों तक चलने वाले इस मेगा इवेंट के मुकाबले कुल 16 मैदानों पर खेले जाएंगे जिसमें फाइनल सहित 104 मैच होंगे। वहीं फीफा की तरफ से वर्ल्ड कप का आगाज होने से पहले प्राइज पूल का भी ऐलान कर दिया गया है जिसमें पिछली बार के मुकाबले लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
फीफा ने कुल 6241 करोड़ रुपये के प्राइज पूल का किया ऐलान
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 को लेकर फीफा की तरफ से जो प्राइज पूल का ऐलान किया गया है उसमें जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है जिसमें ये कुल 655 मिलियन यूएस डॉलर है जिसे भारतीय रुपये में मौजूदा समय में देखा जाए तो 6241 करोड़ रुपये आती है और यह 50 फीसदी अधिक है। इसमें वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जो भी टीम जीतेगी उसे 50 मिलियन यूएस डॉलर यानी कुल 476 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं रनरअप टीम को भी 33 मिलियन यूएस डॉलर यानी कुल 314 करोड़ रुपये की प्राइज मनी जी जाएगी। वहीं इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों को फीफा की तरफ से खेलने के प्राइज मनी दी जाएगी जिसमें 48वें नंबर पर रहने वाली टीम भी 86 करोड़ रुपये घर वापस लेकर जाएगी।
क्वालीफाई करने वाली सभी टीमों को क्वालिफिकेशन के मिलेंगे 10 मिलियन डॉलर
इस वर्ल्ड कप में टीमों ने किस नंबर पर खत्म किया उसके अनुसार प्राइज मनी दी जाने के अलावा हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को फीफा की तरफ से क्वालिफिकेशन के 10 मिलियन यूएस डॉलर भी मिलेंगे। ऐसे में इन रुपयों को मिलाकर कुल पूल को देखा जाए तो लगभग 8299 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विजेता और उपविजेता के अलावा तीसरे नंबर पर खत्म करने वाली टीम को 276 करोड़ रुपये तो वहीं चौथे नंबर पर रहने वाली टीम को फीफा की तरफ से 257 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। 5वें से 8वें नंबर पर रहने वाली प्रत्येक टीम को 181 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं 9वें से 16वें स्थान पर खत्म करने वाली टीमों के खाते में 143 करोड़ रुपये जाएंगे, जबकि 17वें से 32वें नंबर पर रहने वाली टीम को 105 रुपये मिलेंगे। वहीं इसके बाद 33वें नंबर से लेकर अंतिम पायदान पर यानी 48वें नंबर पर रहने वाली प्रत्येक टीम को फीफा की तरफ से 86 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
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