[ad_1]
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पकड़ी गई अवैध अफीम (Afeem) की खेती को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया कि जिस जमीन पर पुलिस ने हाल ही में अफीम की खेती पकड़ी है, उस जमीन की फसल विवरण रिपोर्ट में ‘अफीम’ की जगह ‘अन्य अनाज’ दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि बलरामपुर जिले में एक भू-खंड पर अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई थी। आरोप है कि यह खेती एक भाजपा नेता की निगरानी में हो रही थी। मामले के सामने आने के बाद अब उस जमीन की फसल विवरण रिपोर्ट भी चर्चा में आ गई है।
भूपेश बघेल ने जो दस्तावेज साझा किए उसके अनुसार, खसरा नंबर 1146/1 की जमीन में वर्ष 2025-26 के लिए फसल के रूप में ‘अन्य अनाज’ दर्ज किया गया है, जबकि भूपेश बघेल का दावा है कि इसी जमीन पर अफीम की खेती की गई थी।
पोस्ट में भूपेश बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि
‘अफीम’ अब ‘अन्य अनाज’ है। ऐसा कहना है भाजपा की विष्णु देव साय सरकार का। ये बलरामपुर के उस भू-खंड की गिरदावरी रिपोर्ट है, जहां भाजपा नेता की निगरानी में कल अफीम की खेती पकड़ी गई है।
भूपेश बघेल ने आगे लिखा, ‘ रिपोर्ट में बताया गया है कि इस भू-खंड में अन्य अनाज बोया गया है।’ उन्होंने आगे लिखा कि ‘अफीम’ को ‘अन्य अनाज’ बताने का श्रेय कौन लेगा- ‘मोदी की गारंटी’ या ‘विष्णु का सुशासन’ या फिर दोनों?
इस मामले में अभी तक राज्य सरकार या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बलरामपुर जिले में हाल के दिनों में अवैध अफीम की खेती के दो मामले सामने आए हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन इस बार गिरदावरी रिपोर्ट में दर्ज फसल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
[ad_2]
Source link