पेड़ कटाई और जमीन आवंटन पर घमासान, विपक्ष का हंगामा

NFA@0298
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा (CG Vidhansabha) में आज वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और उद्योगों को जमीन आवंटन को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

पूर्व वन मंत्री और विधायक विक्रम मंडावी ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से वन मंडल भानुप्रतापपुर में कथित अवैध पेड़ कटाई का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि वन विभाग की रिपोर्ट में करीब 5 हजार पेड़ों की कटाई का जिक्र है, जो वर्ष 2021 का मामला है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इस पर जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मेसर्स गोदावरी को खनन की अनुमति दी गई थी, जिसके तहत 33,040 पेड़ों की वैध कटाई की अनुमति दी गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कटाई वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई, इसलिए इसे अवैध नहीं कहा जा सकता।

हालांकि मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि 2,890 पेड़ों की कटाई के बावजूद उनका काष्ठ नहीं मिला, जिस पर 11 कर्मचारी-अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

इसी दौरान चातुरी नंद ने सरायपाली में सोलर प्लांट के लिए 103 हेक्टेयर जमीन आवंटन का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन आवंटन के दौरान तालाब पाटे गए, जंगल काटे गए और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन हुआ।

इस पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि जमीन का आवंटन उद्योग नीति के तहत किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह जमीन 99 साल की लीज पर प्रति हेक्टेयर 4.82 लाख रुपए की दर से दी गई है और पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है।

मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग को लेकर सदन में हंगामा किया।

हालांकि सरकार ने सभी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बताते हुए किसी भी अनियमितता से इनकार किया है।



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