पाटन | छत्तीसगढ़ प्रदेश में पंचायत राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से सरपंच संघ पाटन ने आज जिला कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सरपंच संघ द्वारा पंचायतों से जुड़ी 11 महत्वपूर्ण मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गईं।

सरपंच संघ ने बताया कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में नव-निर्वाचित सरपंचों का कार्यकाल लगभग दस माह पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब तक पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके कारण ग्राम स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
मनरेगा के तहत मजदूरी कार्य पुनः प्रारंभ किए जाएं,
15वें वित्त आयोग की वर्ष 2025-26 की राशि शीघ्र जारी की जाए,
सरपंच मानदेय ₹4000 से बढ़ाकर ₹12000 किया जाए,
15वें वित्त की राशि का आवंटन वर्तमान जनसंख्या के आधार पर किया जाए,
पूर्व में संचालित योजनाओं की शेष राशि पंचायतों को दी जाए,
गौण खनिज की लंबित राशि वर्ष 2020-21 तक शीघ्र जारी हो,
सरपंच निधि अंतर्गत प्रत्येक पंचायत को ₹5 लाख प्रतिवर्ष दिए जाएं,
15वें वित्त की 100% राशि ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जाए,
जल-जीवन मिशन के कार्यों में अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए,
गांवों में लगे सोलर संयंत्रों का शीघ्र संधारण कराया जाए,
प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने एवं प्रथम मंजिल निर्माण की अनुमति दी जाए,
सरपंच संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेते हुए ग्राम पंचायतों के विकास को प्राथमिकता देने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच संघ अध्यक्ष विनय चंद्राकर,चंद्रिका साहू, प्रियलता महिपाल, डोनेश्वर साहू,भुनेश्वर साहू, उनिका वर्मा, शैलेंद्री साहू,विपिन चंद्राकर, कुसुम लता जैन सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।
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