नई दिल्ली, 27 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उससे उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “टीम इंडिया” के रूप में केंद्र और राज्य मिलकर इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से सफलतापूर्वक निपटेंगे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, नागरिकों के हितों की रक्षा करने और उद्योग तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाए रखने को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आने दें और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही कृषि क्षेत्र को लेकर सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए उर्वरकों के भंडारण और वितरण की निरंतर निगरानी करने की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री ने बदलती परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित निर्णय लेने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र विकसित करने की बात कही।

वहीं सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए शिपिंग, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़ी संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने फेक न्यूज और अफवाहों को लेकर भी चेतावनी देते हुए कहा कि केवल सटीक और विश्वसनीय जानकारी ही जनता तक पहुंचाई जाए ताकि किसी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बने।
बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि देश की स्थिति नियंत्रण में है और पेट्रोल, डीजल तथा एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। साथ ही उन्होंने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती और कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में वृद्धि जैसे फैसलों का स्वागत किया। मुख्यमंत्रियों ने यह भी दोहराया कि वे इस वैश्विक संकट के दौरान केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

