
प्रयागराज, मुंडेरा। प्रयागराज के मुंडेरा स्थित नारायण स्वरूप अस्पताल परिसर में स्थित श्री नारायण मंदिर में मूर्ति स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा की चौथी वर्षगाँठ अत्यंत भव्यता और दिव्यता के साथ मनाई गई। इस उपलक्ष्य में आयोजित श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ, भव्य हवन-पूजन, महाआरती, एवं विशाल भंडारे का दिव्य आयोजन भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत वातावरण में संपन्न हुआ।यह आयोजन समाज के सभी वर्गों की अद्भुत सहभागिता के कारण एक सामूहिक आध्यात्मिक उत्सव का केंद्र बन गया।नारायण स्वरूप इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों और शिक्षकों के साथ भाग लिया और सेवा भाव व अनुशासन के साथ आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त जवान, पैरामिलिट्री फ़ोर्स और पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं सिपाहियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई, जिसने राष्ट्र सेवा के बाद धर्म और मानवता की सेवा का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रीय कथा-वाचक पंडित अतुल जी महाराज और श्रृंगवेरपुर धाम के शांडिल्य महाराज ने अपने शिष्यों सहित उपस्थित होकर आयोजन को दिव्य स्पर्श और आशीर्वचन प्रदान किए।सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने व्यवस्था और अनुशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आयोजन का आरंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, कलश स्थापना और शंख-नाद के साथ हुआ। क्षेत्र की विख्यात पाठ मंडलियों द्वारा प्रस्तुत संगीतमय श्री रामचरितमानस अखंड पाठ ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। अंत में हुई महाआरती और विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ऐसे आध्यात्मिक आयोजन मरीजों में बीमारी से लड़ने का आत्मबल बढ़ाते हैं, परिजनों का मनोबल मजबूत करते हैं, और तनाव कम कर रिकवरी में सकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं। कई मरीजों और परिजनों ने इसे ‘दिव्य साहस’ और भगवान श्री राम की कृपा बताया।
अस्पताल निदेशक डॉ. राजीव सिंह और वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिया सिंह ने कहा, “श्री रामचरितमानस अखंड पाठ केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज, परिवार और मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोबल को सशक्त करने का माध्यम है। यह आयोजन सभी को शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।”
नारायण स्वरूप अस्पताल प्रशासन और श्री नारायण मंदिर समिति ने इस दिव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी महानुभावों, श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, पूर्व सैनिकों, पुलिस विभाग के अधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

