नगर पालिका भरवारी में ‘अजब’ भ्रष्टाचार: काम अधूरा, वार्ड का नाम गलत… फिर भी गाड़ दिया पत्थर!

NFA@0298
3 Min Read


1766250787313

कौशाम्बी (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की नगर पालिका परिषद भरवारी इन दिनों अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में है। विकास की गंगा बहाने के दावों के बीच यहाँ एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने नगर पालिका की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। मामला भ्रष्टाचार और लापरवाही के कॉकटेल का है, जहाँ धरातल पर काम अधूरा है, लेकिन रिकॉर्ड में उसे ‘चमकता’ हुआ दिखाने के लिए उद्घाटन का शिलापट्ट (पत्थर) तक लगवा दिया गया। हद तो तब हो गई जब जल्दबाजी में पत्थर पर वार्ड का नाम तक गलत लिखवा दिया गया।

अधूरा काम, पूरा ‘दाम’ निकालने की तैयारी?

सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका द्वारा एक विकास कार्य कराया जा रहा है। कायदे से काम पूरा होने के बाद उसका लोकार्पण होना चाहिए, लेकिन यहाँ खेल ही निराला है। स्थल पर अभी ईंट-पत्थर बिखरे पड़े हैं और निर्माण कार्य आधा-अधूरा है, मगर अधिकारियों और ठेकेदार की जुगलबंदी ने आनन-फानन में वहाँ उद्घाटन का पत्थर जड़ दिया। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि यह सब सरकारी बजट को खपाने और बिना काम पूरा कराए भुगतान (पेमेंट) डकारने की नीयत से किया गया है।

वार्ड का नाम ही बदल डाला!

लापरवाही की इंतहा देखिए कि जिस वार्ड में यह काम हो रहा है, शिलापट्ट पर उस वार्ड का नाम ही गलत अंकित है। इसे लेकर क्षेत्र में मजाक भी उड़ रहा है और गुस्सा भी है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्हें पत्थर पर लिखी इबारत तक नहीं दिखी? या फिर यह मान लिया गया है कि जनता की आंखों पर पट्टी बंधी है?

जनता में भारी आक्रोश, जांच की उठी मांग

घटना के बाद से ही वार्डवासियों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि:”यह सरकारी धन का खुल्लम-खुल्ला दुरुपयोग और कागजी खानापूर्ति है। अगर जनप्रतिनिधि और अधिकारी सजग होते, तो ऐसी हास्यास्पद और गंभीर गलती कभी न होती।”

क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल, यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और भ्रष्ट ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब देखने कि यह बात होगी कि जिला प्रशासन इस ‘कागजी विकास’ पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।
        
               



Source link

Share This Article
Leave a Comment