नए साल पर टीएस सिंहदेव की चिट्ठी, अफसरों से कहा – राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर संविधान की भावना से काम करें

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TS SINGHDEO LETTER: छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने नए साल 2026 की शुरुआत पर एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रदेश में 2025 के दौरान सामाजिक समरसता पर आई चुनौतियों का जिक्र किया और शांति, सह-अस्तित्व की अपील की। उन्होंने यह पत्र राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और संविधानिक मूल्यों का जिक्र करते हुए लिखा है।

उन्होंने लिखा – ” मैं यह पत्र किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं लिख रहा”, पत्र में टीएस सिंहदेव ने लिखा है कि हम 2026 की दहलीज पर खड़े हैं। नया साल नई उम्मीदें और नई ऊर्जा लाता है, लेकिन बीता साल 2025 प्रदेश की सामाजिक चेतना और एकता के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। खासकर आदिवासी इलाकों में पैदा हुआ वैमनस्य और टकराव छत्तीसगढ़ की मूल प्रकृति शांति और सह-अस्तित्व के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माताओं, विशेष रूप से बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि संविधान की बुनियाद ‘सर्वधर्म समभाव’ और सहिष्णुता पर टिकी है।

धर्मगुरुओं से अपील- ‘अपने प्रभाव का इस्तेमाल शांति स्थापना में करें’

सिंहदेव ने लिखा ” देश की नींव ‘विविधता में एकता’ है। संविधान के अनुच्छेद 25-28 हर नागरिक को अपनी आस्था के अनुसार जीने का अधिकार देते हैं। लेकिन जब धर्म भय, प्रलोभन या अंधविश्वास का जरिया बन जाए तो वह अपनी पवित्रता खो देता है। सिंहदेव ने सभी समुदायों के धर्मगुरुओं से अपील की कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल शांति स्थापना में करें। आस्था का प्रसार सेवा और करुणा से होना चाहिए न कि भय या लालच से। छत्तीसगढ़ की पुरानी संस्कृति और जनजातीय परंपराओं का संरक्षण हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।”

अफसरों और जनप्रतिनिधियों से अपील

सिंहदेव ने ये भी लिखा “लोकतंत्र में कानून का शासन सबसे ऊपर है। सिंहदेव ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त होकर सिर्फ संविधान की भावना से काम करें। जहां अराजक तत्व कानून हाथ में लें, वहां त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है। न्याय सिर्फ होना ही नहीं, समाज के आखिरी व्यक्ति को दिखना भी चाहिए। भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”

युवाओं से विशेष संदेश

उन्होंने युवाओं से कहा कि “सूचना क्रांति के इस युग में आप समाज की सोच को दिशा देने की ताकत रखते हैं। भ्रामक जानकारी और उग्र विचारों के प्रभाव में अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें। आप भारत का भविष्य हैं नफरत के बीच संवाद और संवेदना के पुल बनें।” पत्र के अंत में जोहार लिखकर सिंहदेव ने सभी से 2026 में विभाजन मिटाने और आपसी विश्वास बहाल करने की अपील की है।



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