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लखनऊ। जलांचल प्रगति पथ संस्थान ट्रस्ट उत्तर प्रदेश द्वारा मंगलवार को भारत के संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पर एक भव्य सामाजिक, शैक्षिक एवं संवैधानिक अधिकार कार्यक्रम का आयोजन रवींद्रालय हालमें किया गया। समारोह का शुभारंभ महर्षि कश्यप, बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर, माता सावित्रीबाई फुले और महाराजा गुहराज निषाद राज के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
वक्ताओं ने समाज के उत्थान के लिए इन महापुरुषों द्वारा दिखाए गए मार्ग की प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर जलबंशी समाज के महान महापुरुषों महाराज गुह्यनिषादराज, महर्षि कश्यप, बाबा कालू कहार एवं वीर एकलव्य जी के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया।
वर्तमान एंटी करप्शन इंस्पेक्टर उदयराज निषाद द्वारा लिखित पुस्तक 'जलांचलवाद' का विमोचन रहा। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और भविष्य की दिशा तय करने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।मुख्य अतिथि पंजाब से आए वरिष्ठ मंडल लेखाधिकारी तेजपाल कश्यप रहे। अपने संबोधन में कश्यप ने कहा कि शिक्षा और एकता ही समाज को सशक्त बनाने का एकमात्र रास्ता है।
शिव मूर्ति प्रसाद निषाद (संयुक्त निदेशक, पशुपालन निदेशालय, लखनऊ) , रामदेव निषाद( एसडीएम) , उदय राज निषाद (इंस्पेक्टर एंटी करप्शन, झाँसी मंडल), दयाराम निषाद, नानक शरण निषाद (सेवानिवृत्त सीएमओ), पीसीएस कुंवर देव निषाद (वरिष्ठ लेखाधिकारी), अशोक कश्यप (सेवानिवृत रेंजर), डॉ राममूर्ति निषाद, गुलाब बिंद (ग्राम पंचायत अधिकारी), अधिवक्ता मुकेश रायकवार, गया प्रसाद धुरिया, इंजीनियर रामदेव निषाद, संतोष रायकवार, मनीष कश्यप (पत्रकार), करिश्मा कश्यप( जिला पंचायत सदस्य) सुनीता निषाद, जानकी प्रसाद निषाद (गन्ना पर्यवेक्षक), संदीप कश्यप (प्रोफेसर, उत्तराखंड विश्वविद्यालय), प्रोफेसर , लक्ष्मण सहनी सहित प्रदेश एवं विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर समाज के विकास एवं अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संयोजन अधिवक्ता छैल बिहारी निषाद द्वारा किया गया।
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