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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जिलाधिकारी एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने जनपद में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाकर उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं एवं पर्यटक सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब हुआ है या कार्य की गति संतोषजनक नहीं है, उनमें संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार पेनाल्टी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कुंवार स्थित काली मंदिर, भैरवनाथ तालाब, करखियाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से संबंधित पर्यटन स्थल, अजगरा विधानसभा क्षेत्र के शिव मंदिर, क्रमेदेश्वर महादेव मंदिर तथा माधोपुर स्थित शुलटकेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में हो रहे विलंब पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
लमही स्थित साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के आवास को संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने की परियोजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य में आ रही बाधाओं का तत्काल निराकरण कराकर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
उन्होंने गंगा घाटों के पुनर्विकास तथा अस्सी घाट के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा सारनाथ पर्यटक आवास गृह और परेड कोठी स्थित टूरिस्ट बंगले में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने सारनाथ स्थित धमेख स्तूप पर प्रस्तावित लाइट एंड साउंड शो को शीघ्र शुरू कराने तथा पर्यटकों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कपिल धारा मंदिर, गुरुधाम मंदिर, नागा बाबा मंदिर तथा नमो घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पीए सिस्टम और स्टेज लाइटिंग व्यवस्था सहित अन्य पर्यटन विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान पर्यटन से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ई-रिक्शा एवं टोटो के व्यवस्थित संचालन, गंगा में नावों के संचालन को सुव्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थलों पर किराया सूची प्रदर्शित किए जाने की मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गंगा घाटों पर मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने के लिए सूचना एवं चेतावनी संबंधी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार सिंह, यूपी पीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पर्यटन संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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