वन विभाग की एंटी पोचिंग टीम ने कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र अंतर्गत शेश्पगार जलप्रपात के समीप सांभर के अवैध शिकार का बड़ा खुलासा किया है। 15 दिसंबर 2025 को गश्ती के दौरान टीम को घटनास्थल पर अज्ञात वन्यप्राणी के खून के छींटे मिले, जिसके बाद मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण पांडेय, मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक श्रीमती सतोविशा समाजदार तथा उपनिदेशक श्री वरुण जैन के मार्गदर्शन में की गई जांच में कैमरा ट्रैप फुटेज और गोपनीय सूचना के आधार पर खुलासा हुआ कि 12 दिसंबर 2025 को ग्राम सिहार, डंडईपानी और चिंहरापारा के कुल 17 लोगों ने एक नर सांभर का तीर-धनुष से अवैध शिकार किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि शिकार के बाद आरोपियों ने सांभर के मांस को आपस में बांटकर अपने-अपने घर ले गए। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को वन विभाग द्वारा विधिवत तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें तीर, धनुष, फंदे, सांभर का मांस और सींग बरामद किए गए। सभी अवैध सामग्री को जब्त कर लिया गया है।
वन विभाग ने बरामद अवयवों को फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




