रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा स्थित उनके कक्ष में कैबिनेट (CG Cabinet) की बैठक हुई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए और कई नए विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दी है। इस कानून का मकसद राज्य में जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने पर रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर किसी का धर्म बदलवाने की घटनाओं को रोकने के लिए यह कानून लाया जा रहा है।
बैठक में एक और अहम फैसला लेते हुए सरकार ने राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को अदालत से वापस लेने की मंजूरी दी है। इन मामलों की समीक्षा के बाद मंत्रिपरिषद की उपसमिति ने इन्हें वापस लेने की सिफारिश की थी।
कैबिनेट ने अपारंपरिक ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी फैसला लिया। क्रेडा के जरिए लगाए जाने वाले सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए 2024-25 और 2025-26 में 1.50 लाख रुपए तक का राज्य अनुदान मिलेगा। वहीं 2026-27 से आगे निविदा दर का 30 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक अनुदान दिया जाएगा।
घरेलू बायोगैस संयंत्र लगाने पर भी 9 हजार रुपए प्रति संयंत्र की सहायता जारी रखने का फैसला लिया गया है।
सरकार ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर समाप्त कर दिया जाएगा। यह उपकर पहले राजीव गांधी मितान क्लब योजना के लिए लगाया गया था, लेकिन योजना बंद होने के कारण इसे खत्म करने का फैसला लिया गया है।
कैबिनेट ने नगर तथा ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2026 और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
सरकार राज्य में भर्तियों को व्यवस्थित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाने जा रही है। यह मंडल सरकारी विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की तकनीकी और गैर-तकनीकी नौकरियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करेगा और चयन प्रक्रिया पूरी करेगा।
इसके अलावा लोक भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में नकल व अन्य अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए भी नया विधेयक लाने का फैसला किया गया है, ताकि परीक्षाओं को ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की कुछ धाराओं में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। साथ ही राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ सरकारी जमीन देने का फैसला किया गया है। इस जमीन पर आधुनिक क्रिकेट मैदान और अकादमी बनाई जाएगी।


