छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर

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छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर


04-Jan-2026 8:58 PM

छत्तीसगढ़ की लोक नृत्य लोक कला पर फोटो प्रदर्शनी का सफल समापन 

रायपुर, 04 जनवरी। छायाचित्रों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, सांस्कृतिक विविधता एवं परंपराओं के संरक्षण का सशक्त संदेश देने वाली लोक नृत्य एवं लोक कला पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का सफल समापन हुआ। समापन अवसर पर  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, उपाध्यक्ष, प्रदेश भाजपा ने प्रदर्शनी की  प्रशंसा करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय प्रयास बताया। 

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक नृत्यों एवं विविध लोक कलाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से क्लाउड एवं संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ के सहयोग से आयोजित इस विशेष फोटो प्रदर्शनी ने राज्य की जनजातीय, ग्रामीण एवं लोक परंपराओं को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सुदृढ़ हुई। प्रदर्शनी के दौरान केरल, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार सहित ऑस्ट्रेलिया से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। विशेष रूप से युवा वर्ग एवं स्कूली विद्यार्थियों में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।   इस फोटो प्रदर्शनी में  दीपेंद्र दीवान, अखिलेश भरोस,  धनेश्वर साहू, सुश्री हर्षा सिंदूर एवं शौर्य दीवान के छायाचित्र प्रदर्शित किए।



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