
नई दिल्ली l दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में 7 फरवरी की रात एक बेहद दुखद हादसा सामने आया, जहां गैस से दम घुटने के कारण दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक एक बंद कमरे में गैस से चलने वाली सिगड़ी पर मोमोज बना रहे थे। काम खत्म करने के बाद वे उसी कमरे में सो गए, लेकिन गैस हीटर बंद करना भूल गए।
बंद कमरे में रात भर जहरीली गैस भरती रही, जिससे दोनों का दम घुट गया। सुबह तक हालात इतने बिगड़ चुके थे कि उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतकों की पहचान 18 वर्षीय मुसाफिक आलम और 30 वर्षीय रुकसद आलम के रूप में हुई है। दोनों बिहार के रहने वाले थे और रोज़गार के सिलसिले में जहांगीरपुरी में किराए के कमरे में रहकर मोमोज बेचने का काम करते थे।
सुबह जब मुसाफिक के बड़े भाई ने कई बार फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। वह सीधे कमरे पर पहुंचा। बाहर से धुआं निकलता देख वह घबरा गया और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुआ। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था—कमरा धुएं से भरा था और दोनों युवक बिस्तर पर अचेत पड़े थे।
तुरंत पुलिस और पीसीआर टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

