मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हालात उस समय और गंभीर हो गए जब ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर हमला हुआ। यह फील्ड दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में शामिल है और इसे कतर के साथ साझा किया जाता है।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार हमले में गैस टैंकों और रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद वहां काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया और आग पर काबू पाने के लिए आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया।
इस हमले को मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल टकराव का बड़ा एस्केलेशन माना जा रहा है। हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर को चेतावनी दी है कि उनके कई ऊर्जा ठिकाने अब सीधे निशाने पर हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक सऊदी की सैमरेफ रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई का अल होसन गैस फील्ड और कतर की रास लफान रिफाइनरी व मेसाइद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स संभावित टारगेट हो सकते हैं।




