बिलासपुर। CG Video : अप्रैल की चिलचिलाती गर्मी में एक दिल दहला देने वाली घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलासपुर के एक निजी नर्सिंग होम से एक मरीज को स्ट्रेचर पर ही सोनोग्राफी सेंटर भेज दिया गया। परिजन तेज धूप में सड़क पर स्ट्रेचर ढोते नजर आए, जबकि गर्मी से बचाने के लिए सिर्फ छाते का सहारा लिया गया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि मरीज के पीछे से एंबुलेंस गुजरती हुई दिखी, लेकिन किसी ने मरीज को उसमें शिफ्ट करने की जहमत नहीं उठाई। परिजनों को खुद ही स्ट्रेचर लेकर सड़क पर भटकना पड़ा। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों में आक्रोश फैला हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग और मानवता पर सवाल
यह घटना छत्तीसगढ़ में चल रही भीषण गर्मी (IMD येलो अलर्ट) के बीच आई है, जहां रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और बिलासपुर जैसे इलाकों में तापमान 42-45°C तक पहुंच रहा है। ऐसे में निजी अस्पताल द्वारा मरीज को इस तरह भेजना न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि मानवीय संवेदना की कमी को उजागर करता है।
स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, गंभीर मरीज को स्थानांतरित करते समय एंबुलेंस या उचित वाहन का इस्तेमाल अनिवार्य है। खासकर हीटवेव के दौरान संवेदनशील मरीजों को खुली धूप में नहीं छोड़ना चाहिए।
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