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लखनऊ। वजीरगंज थाना पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए कैसरबाग बस अड्डे पर बेसहारा हालत में मिली गर्भवती महिला की मदद कर उसका सुरक्षित प्रसव कराया। पुलिस की तत्परता से न सिर्फ महिला को समय पर इलाज मिला, बल्कि मां और नवजात दोनों की जान भी सुरक्षित बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, 21/22 मई की रात करीब 1:30 बजे कैसरबाग बस अड्डे पर पुलिस टीम को एक 25 वर्षीय गर्भवती महिला अत्यंत पीड़ादायक स्थिति में मिली। महिला राजस्थान के सीकर जिले की रहने वाली बताई गई। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को पुलिस ने तुरंत रेडक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज के निर्देश पर महिला आरक्षी पूर्ति भारती और सोनम को अस्पताल में महिला की देखरेख के लिए तैनात किया गया। डॉक्टरों और पुलिस टीम की निगरानी में महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। अस्पताल में चार दिनों तक मां और नवजात के लिए भोजन, दूध और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी पुलिस की ओर से कराई गईं।
पूछताछ में महिला ने बताया कि उसके परिवार के लोग मौजूद हैं, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण फिलहाल कोई उसे लेने आने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर पूरी जानकारी दी और सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मां और बच्चे को सुरक्षित आश्रय के लिए राजकीय नारी संरक्षण गृह भेज दिया।
इस सराहनीय कार्य में थाना वजीरगंज के प्रभारी निरीक्षक, चौकी प्रभारी रंजीत पाठक, महिला आरक्षी पूर्ति भारती और महिला आरक्षी सोनम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद और संकटग्रस्त व्यक्ति की सहायता करना भी है।
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